अभिनेता आमिर खान ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने 18 किलो वजन कम किया है। इसकी वजह वह एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट रही, जिसे उन्होंने बार-बार होने वाले माइग्रेन से राहत पाने के लिए अपनाया था। यह डाइट न केवल उनके वजन पर असरदार साबित हुई, बल्कि माइग्रेन की समस्या भी काफी हद तक कम हो गई। दरअसल, इस डाइट का उनके संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा। आमिर के शब्दों में, “स्वास्थ्य कारणों से जिस नई डाइट का मैं पालन कर रहा हूँ, वह मेरे लिए जादू की तरह काम कर रही है।”
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल की कंसल्टेंट डाइटिशियन मुक्ता वशिष्ठ के अनुसार, “डिफॉल्ट डाइट” कोई फैड डाइट नहीं होती। वे बताती हैं, “इसका मतलब एक ऐसी संतुलित और लगातार अपनाई जा सकने वाली भोजन-पद्धति से है, जो शरीर के अनुकूल हो और जिसे लंबे समय तक निभाया जा सके। इसमें कैलोरी और पोषक तत्वों का संतुलन होता है, जिससे धीरे-धीरे बदलाव आते हैं और मेटाबॉलिज़्म यानी शरीर की ऊर्जा उपयोग करने की प्रक्रिया बेहतर होती है।”
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट दरअसल एक व्यापक डाइट है, जो लगभग हर किसी के लिए फायदेमंद हो सकती है। जब शरीर में सूजन कम होती है, तो इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है, ब्लड शुगर स्थिर रहती है, फैट तेजी से बर्न होता है और हृदय रोग, फैटी लिवर व मोटापे जैसी दीर्घकालिक बीमारियों का खतरा घटता है। वशिष्ठ बताती हैं, “यह डाइट मेडिटेरेनियन डाइट के काफी करीब है, जिसमें ताज़ा और संपूर्ण खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। आसान शब्दों में कहें तो पैकेट से निकलने वाले हर तरह के भोजन से दूरी बनानी होती है — यहाँ तक कि सॉस, फ्रोज़न मीट, मसाला पेस्ट, टोमैटो केचप, सीरियल्स, ब्रेड और कुकीज़ भी नहीं। सॉफ्ट ड्रिंक्स भी नहीं। ये ऐसी चीज़ें हैं, जिन्हें हम रोज़मर्रा में इस्तेमाल करते हैं, बिना उनके दुष्प्रभाव जाने।” उनकी सलाह के आधार पर आप भी अपनी एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट इस तरह प्लान कर सकते हैं:
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट क्या है?
सरल शब्दों में, यह ऐसी डाइट है जिसमें फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, एंटीऑक्सिडेंट्स, लीन मीट, चीज़ और दही शामिल हों।
इस डाइट में रिफाइंड तेल और मैदा, प्रोसेस्ड मीट, ग्लूटेन और नाइटशेड सब्ज़ियों (जो छायादार या रात में उगती हैं, जैसे टमाटर, बैंगन, आलू और शिमला मिर्च) से परहेज़ किया जाता है। हालांकि कुछ नाइटशेड सब्ज़ियाँ पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, लेकिन इनमें लेक्टिन नामक प्रोटीन होते हैं, जो पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं और पहले से सूजन से प्रभावित लोगों में समस्या बढ़ा सकते हैं।
कौन-से फल और सब्ज़ियाँ एंटी-इंफ्लेमेटरी होती हैं?
बेरीज़, सेब, पपीता और खट्टे फल अच्छे विकल्प हैं। सभी बेरीज़ में एंथोसाइनिन और एलैजिक एसिड जैसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो सूजन कम करने में मदद करते हैं। चेरी में मौजूद एंथोसाइनिन और अन्य फाइटोकेमिकल्स सूजनरोधी गुण रखते हैं। अनार में पाए जाने वाले एलैजिटैनिन्स शरीर में सूजन घटाने में सहायक होते हैं। अनानास में ब्रोमेलैन नामक एंज़ाइम होता है, जो सूजन को शांत करता है। 21 अध्ययनों की समीक्षा से पता चला है कि 100 प्रतिशत संतरे का रस पीने से सूजन के संकेतक कम होते हैं।
सेब में पॉलीफेनॉल होते हैं, जो पूरे शरीर में सूजन घटाते हैं, और इनमें फाइबर भी भरपूर होता है, जो आंतों के बैक्टीरिया को संतुलित रखता है और ब्लड शुगर नियंत्रित करता है। अच्छी गट हेल्थ अपने-आप सूजन कम करती है। एवोकाडो एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होने के साथ-साथ अच्छे फैट का स्रोत भी है।
हरी पत्तेदार और नॉन-स्टार्ची सब्ज़ियाँ चुनें। पालक और केल में विटामिन K और अन्य सूजनरोधी तत्व होते हैं। ब्रोकोली, फूलगोभी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स जैसी क्रूसीफेरस सब्ज़ियों में सल्फोराफेन होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है। चुकंदर, लौकी, गाजर और भिंडी कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। बैंगन, आलू और अरबी से परहेज़ करें।
मैक्रोन्यूट्रिएंट्स का संतुलन कैसा हो?
मोटे अनाज जैसे मिलेट्स, ब्राउन राइस और ओट्स जटिल कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो धीरे-धीरे पचते हैं, ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकते हैं और पेट भरा रहने का एहसास देते हैं। अच्छे फैट्स नट्स, बीज, ऑलिव ऑयल और कोल्ड-प्रेस्ड सरसों के तेल से मिल सकते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स और फैटी फिश में पाए जाते हैं। खाना बनाते समय प्रोसेस्ड तेलों की जगह प्राकृतिक फैट्स का इस्तेमाल करें। प्रोटीन के लिए दालें, अंडे का सफ़ेद भाग, मछली और टोफू शामिल करें। हल्दी, अदरक, लहसुन और दालचीनी जैसे मसालों का प्रयोग करें, क्योंकि इनमें भी सूजनरोधी गुण होते हैं।
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