कैसे अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने ईरान में फंसे एयरमैन को ‘बहादुरी भरे ऑपरेशन’ से बचाया




अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को बताया कि ईरान में लापता हुआ अमेरिकी वायुसेना का अधिकारी अब सुरक्षित है। यह अधिकारी उस समय लापता हो गया था जब ईरान ने शुक्रवार को उसके F-15E फाइटर जेट को मार गिराया था।

ट्रंप ने उस एयरमैन को “बहादुर योद्धा” बताया। उन्होंने कहा कि वह ईरान के खतरनाक पहाड़ी इलाके में दुश्मनों के बीच फंसा हुआ था, जहां ईरानी सेना उसे ढूंढ रही थी।

कैसे हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

🔴 सैकड़ों सैनिकों की टीम शामिल थी
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात सैकड़ों स्पेशल फोर्स के सैनिकों ने इस बड़े और जोखिम भरे मिशन को अंजाम दिया। इसमें कई लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

शुरुआत में अमेरिकी विमानों ने ईरानी सैन्य गाड़ियों पर बम गिराए और गोलीबारी की, ताकि वे उस इलाके से दूर रहें जहां एयरमैन छिपा हुआ था।

जैसे-जैसे अमेरिकी सैनिक उसके पास पहुंचे, वहां भारी गोलीबारी भी हुई।

🔴 सुरक्षित संपर्क का इस्तेमाल
अमेरिकी सेना एयरमैन से एक सुरक्षित संचार उपकरण के जरिए संपर्क में थी।
ट्रंप ने कहा कि वह एयरमैन कभी अकेला नहीं था, क्योंकि उसकी लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा रही थी और उसकी मदद की योजना बनाई जा रही थी।

एयरमैन घायल था, लेकिन ट्रंप ने भरोसा दिया कि वह जल्द ठीक हो जाएगा।

🔴 पायलट को भी बचाया गया
इस मिशन के साथ ही एक और ऑपरेशन में जेट के पायलट को भी बचाया गया। ट्रंप ने कहा कि इस बात की जानकारी पहले इसलिए नहीं दी गई, ताकि दूसरा ऑपरेशन खतरे में न पड़े।

उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब दुश्मन के इलाके के अंदर से दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग ऑपरेशन में सुरक्षित निकाला गया।

🔴 विमान फंस गए थे
रेस्क्यू के बाद दो अमेरिकी ट्रांसपोर्ट विमान ईरान के एक दूर इलाके में फंस गए।
इसके बाद तीन और विमान भेजे गए, ताकि सभी सैनिकों और एयरमैन को सुरक्षित निकाला जा सके।
जो विमान खराब हो गए थे, उन्हें वहीं नष्ट कर दिया गया ताकि वे दुश्मन के हाथ न लगें।

🔴 स्थानीय लोगों की मदद
बताया गया कि जिस इलाके में विमान गिरा था, वहां के कुछ स्थानीय लोग सरकार के खिलाफ थे। ऐसे में एयरमैन को उनसे छिपने और मदद मिलने की संभावना रही।

दूसरी तरफ, ईरानी सेना भी उस इलाके में खोजबीन कर रही थी और लोगों से उसे पकड़ने के लिए इनाम का ऐलान किया गया था।

ट्रंप ने ऑपरेशन की सराहना की

ट्रंप ने इस मिशन को सफल बताते हुए कहा कि इसमें एक भी अमेरिकी सैनिक की मौत या गंभीर चोट नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की ताकत और उसकी हवाई श्रेष्ठता को दिखाता है।

उन्होंने सभी अमेरिकियों से इस सफलता पर गर्व करने और एकजुट रहने की अपील की।

युद्ध पर ट्रंप का बयान

हाल ही में अपने एक संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने युद्ध में तेज और निर्णायक जीत हासिल की है।
उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है और उनकी मिसाइल और ड्रोन क्षमता भी काफी कमजोर हो गई है।