सरकार ने वाणिज्यिक LPG आवंटन 50% तक बढ़ाया, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैंटीन को बड़ी राहत
रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक LPG उपभोक्ताओं को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अतिरिक्त 20% वाणिज्यिक LPG आवंटन को मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी खास तौर पर रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी सेक्टर, सरकारी सब्सिडी कैंटीन और सामुदायिक रसोई के लिए की गई है।
ये सभी सेक्टर हाल ही में LPG सप्लाई में कटौती से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त आवंटन का उपयोग प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम सिलेंडर की रिफिलिंग में भी किया जाएगा।
सरकार ने एक और अहम फैसला लेते हुए वाणिज्यिक और औद्योगिक LPG उपभोक्ताओं के लिए पब्लिक सेक्टर तेल कंपनियों के साथ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। साथ ही, उन्हें LPG पाने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना भी जरूरी होगा।
इस अतिरिक्त आवंटन के बाद राज्यों को वाणिज्यिक LPG की कुल सप्लाई उनकी अनुमानित जरूरत का 50% तक दी जा सकेगी। इससे पहले सरकार 20% आवंटन दे रही थी, जिसे बाद में कुछ शर्तों के साथ 10% और बढ़ाया गया था।
LPG सप्लाई में कटौती का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते Strait of Hormuz का बंद होना है, जिससे भारत की बड़ी मात्रा में LPG आपूर्ति प्रभावित हुई। भारत अपनी लगभग 60% LPG जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें से 90% आयात इसी मार्ग से होता है।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए सरकार ने वाणिज्यिक और औद्योगिक सेक्टर की सप्लाई घटाई थी। साथ ही, रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने और पेट्रोकेमिकल्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेन और ब्यूटेन को LPG उत्पादन में लगाने के निर्देश दिए गए।
इन कदमों से देश में LPG का घरेलू उत्पादन लगभग 40% बढ़ा है, जो कुल मांग का करीब 16% है। इसी वजह से अब सरकार वाणिज्यिक LPG आवंटन बढ़ाने में सक्षम हुई है।
सरकार के अनुसार, वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद LPG सिलेंडर की डिलीवरी पहले की तरह जारी है। देशभर में लगभग 2,500 LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स पर किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है और लोगों में घबराहट में बुकिंग भी कम हुई है।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा कि सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation और Hindustan Petroleum Corporation जैसी तेल कंपनियों के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
साथ ही, उन्हें अपने शहर में उपलब्ध सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के तहत PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा, तभी वे वाणिज्यिक LPG के 50% आवंटन के पात्र बनेंगे।
सरकार लगातार उपभोक्ताओं—घरेलू और वाणिज्यिक दोनों—से PNG अपनाने की अपील कर रही है, ताकि LPG पर दबाव कम किया जा सके। हाल के हफ्तों में 1.25 लाख से ज्यादा नए गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि 5,600 से अधिक उपभोक्ता LPG से PNG में शिफ्ट हो चुके हैं।
हालांकि, Strait of Hormuz के कारण प्राकृतिक गैस सप्लाई भी प्रभावित हुई है, लेकिन स्थिति LPG जितनी गंभीर नहीं है। भारत अपनी करीब आधी प्राकृतिक गैस जरूरत आयात करता है, जिसमें 55-60% इसी मार्ग से आता है।
PNG नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए सरकार और CGD कंपनियां मुफ्त गैस और कनेक्शन चार्ज में छूट जैसी सुविधाएं भी दे रही हैं। Petroleum and Natural Gas Regulatory Board ने भी कंपनियों को तेजी से कनेक्शन देने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के अनुसार, करीब 60 लाख घर PNG नेटवर्क के दायरे में हैं और आसानी से कनेक्शन ले सकते हैं। वहीं, देश में LPG कनेक्शन वाले घरों की संख्या 33.3 करोड़ है, जबकि PNG कनेक्शन लगभग 1.5 करोड़ हैं।
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